बंधन बाधा हो सकती है लेकिन समाधान भी है जानिए कैसे...

बंधन बाधा हो सकती है लेकिन समाधान भी है जानिए कैसे...

मनुष्य एक ऐसा प्राणी है अगर उसका कोई काम न बने जैसे बच्चों के रिश्ता न हो। शादी में देरी होना, कारोबार का पहले बेहद अच्छा चलना लेकिन बाद में बंद होने की कगार पर पहुंचना। हमारे मन अक्सर ये बात घर कर जाती है कि हमारा अगर कोई काम नहीं हो रहा उसके पीछे हमारे मन में सबसे पहले यह बात आती है कि हमारे काम को किसी ने बांध रखा है। इसलिए हमारा कोई भी काम सिरे नहीं चढ़ रहा। बंधन बांधने की आपको आपके इर्द-गिर्द कई मिसालें मिल जाएंगी। जैसे अगर किसी का छोटा बच्चा बेहद खुश रहता है और अचानक वो बीमार पड़ जाएं और उसका हंसता खिलता फूलों की तरह टहकता चेहरा मुरझा जाए मानो वो कभी मुस्कराया ही न हो तो इसका मतलब क्या समझना चाहिए।

अगर एक सुखी और समृद्ध परिवार है। अगर बिना वजह उस सुखी और समृद्ध परिवार में आपस में दूरियां और तल्खी आ जाए। हर समय परिवार में कलह होती रहे तो हर कोई सोचने को मजबूर हो जाता है कि ऐसा क्या हुआ कि मेरे परिवार में दूरियां किस वजह से आईं।

कई ऐसे परिवारों में बच्चे  इस कद्र माता-पिता के आज्ञाकारी होते हैं कि सारा समाज उनकी तारीफ करता नहीं थकता। ऐसे बच्चे सर्वगुण संपन्न भी होंगे लेकिन फिर भी पता नहीं क्यों न तो उनकी शादी हो पाती है और ऐसा नहीं है कि रिश्ते नहीं आते रिश्ते भी आते हैं लेकिन कोई बात सिरे चढ़ ही नहीं पाती।

अगर किसी पति-पत्नी में अथाह प्रेम है लेकिन उनके रिश्तों में एकदम से दरार आ जाए तो और नौबत तलाक तक पहुंच जाए तो फिर हमारे मन में एक दम से ख्याल आता है कि हमने ऐसा क्या किया कि जिसके कारण जीवन में ऐसा बिखराव आ गया।

अगर हमारा कोई काम नहीं बनता तो हमारा ऐसे समय में अगर कोई सहारा है तो वो है भगवान। ईश्वर तो हमेशा ही हम जीवों पर दया, मेहर, कृपा बरसाते रहते हैं। जब हम सो रहें होते हैं भगवान हम पर तब भी कृपा बरसाते रहते हैं। जब हम जागृत अवस्था में होते हैं तो भगवान हमें मुश्किलें या तकलीफें देकर जीवन में आने वाली बाधाओं के बारे में अवगत करवाते हैं। लेकिन जब हम सो रहे होते हैं तब भी कभी स्वप्न के माध्यम से तो कभी किसी संकेत के माध्यम से हमें आने वाली बाधाओं के बारे में अवगत करवाते हैं। इसलिए हमारा भी यह फर्ज बनता है कि प्रभू की कृपा पाने के लिए अपने ईष्ट में पूर्ण आस्था रखते हुए उनकी भक्ति करें। क्योंकि ये रिश्ते नाते, यार-दोस्त सब झूठे हैं अगर कुछ सच है कोई हमारा हितैषी है तो वो है परम पिता परमात्मा। हमें उस एक की भक्ति करनी है और जीवन में आने वाली इन मुश्किलों से दूर रहना है। 

और अगर इस अवस्था में ज्योतिष ज्ञान द्वारा कुछ छोटे छोटे उपायभी  बताएं जाएँ तो सोने पे सुहागा और आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं   |

Also explained in ENGLISH as below.

Facing Bandhan-Badha (Bounded hurdle)? There are solutions...

Human beings are often worried about ‘Bandhan-Badha’ and identify this as the main reason behind all the problems they face in life at times. Be it finding a good match for their kids, delay in marriage, a turning down of business graph from positive to negative, they attribute everything to ‘Bandhan-Badha.’ Reasoning it out responsible for none of your works reaching to fruition. You can find many examples of ‘Bandhan-Badha’ around you. For example, if your child has been a very happy child always and now he remains ill all the time and there is no joy which reflects on his face like he has never known how to be happy; then what shall you conclude?

If there is a very happy and prosperous family and now the distance has started to arrive and relations have suddenly become cold and everyone is compelled to think about the reason “what happened that my family members are detached with one another suddenly?”

In some families children are so obedient to their parents that the world does not stop to praise them. Such children are very well-mannered and bestowed with extremely good qualities; still they are not able to find a good match for themselves. Matrimonial proposals which they receive are not realised often.

If a couple have been deeply in love and have had good understating between them and suddenly they break-off to the stage that they think of filing divorce; we get bound to think about the reasons behind such fragmentation. 

If we do not succeed and things do not favour us then we look forward to only God. He always blesses us with his mercy. He bestows us with his benevolence even when we are sleeping. When we are awake then he sends warning signs to us for huge obstacles which we may be about to face in near future by showing sparks of troubles. Sometimes the medium of warning is a dream or some signs which indicate to us to be alert and be ready to face it. Thus, it is our duty to place our extreme faith in almighty and pray to him with full devotion. Everything other than God himself is non-realistic and fake, all relationships...friends...everything. He is the ultimate truth. We have to pray to our favoured God to keep all such obstacles at bay.

And if this devotion is supported by little remedial practises from astrology, then it is icing on the cake and you may easily be relived of such worries.

 

    

 

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