ग्रहों की शांति के लिए क्या करें...

 ग्रहों की शांति के लिए क्या करें...

आस्था, श्रद्धा और विश्वास ऐसे शब्द हैं जिसको हम प्राचीनकाल से ही बड़ी शिद्दत के साथ निभाते आ रहें हैं और अब तक उस श्रद्धा और आस्था का पालन करते आ रहे हैं। अगर बात करें मनुष्य की तो जन्म से लेकर मृत्यु तक कई रीतियों को निभाता आ रहा है। शुरू से ही पत्थरों, पाषाणों और पर्वतों की पूजा करता रहा है। इसे आस्था न कहें तो और क्या कहें। आस्था की बदौलत ही हम हर कार्य को अंजाम देते हैं। वो कहते भी हैं न कि अगर मन चंगा तो कटौथी में ही गंगा। पहले लोग भोले-भाले थे। उनमें किसी बात को लेकर कोई बल छल नहीं आता था और भगवान जो कि इस सारी कायनात के रचियता हैं और इन लोगों की सारी बात भगवान सुनते भी थे। इसलिए मनुष्य का कर्मकांड के प्रति लोगों की आस्था आज भी उसी तरह बनी हुई है। अगर बात करें ग्रहों और नक्षत्रों की तो इसके प्रति लोगों की गहरी आस्था है।

अगर सूर्य का प्रकाश न होता तो हमारा जीवन अंधकारमय होता। सूर्य की किरणें सभी में एक नया उजियारा भरती है। जो है ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक।

अक्सर कहा जाता है कि हंसने वालों के घर हमेशा बसते हैं। जो हमेशा रोते रहते है उनके घर कभी भी नहीं बसते। अगर कोई व्यक्ति प्रसन्न न हो तो उसे खुश करने का प्रयत्न करना चाहिए। नवग्रहों में जिसकी गति गोचर दृष्टि से ठीक न चल रही हो। खुश रहने के लिए आप मंत्र जाप करके या पूजा पाठ करके प्रसन्नचित रह सकते हो।

ग्रहों को प्रसन्न करने के लिए इनकी मूर्तियां ताम्र, स्फटिक, रक्त चंदन, स्वर्ण, चांदी और लोहा, सीसा और कांसे की बनवा कर आप इसे यंत्राकृति बनवाकर प्रतिष्ठित करके धारण करें। पूजा में विशेष रूप से गंध, फूल, दीप और होते हैं। पीड़ादायक ग्रहों की तुष्टि के लिए फल चढ़ाने चाहिए। सबको प्रसाद बांटना चाहिए और खुद भी खाना चाहिए।

ग्रह दोष निवारण के लिए प्रिय औषधियों से स्नान करें। जो बड़ा ही सरल उपाय है। आप अपने सामर्थय के अनुसार श्रद्धा और विश्वास के साथ शांति कर्म करवाएंगे तो आपको सफलता जरूर मिलेगी।

सूर्य की प्रसन्नता हासिल करने के लिए आप गुड़, गेहूं का दान कर सकते हैं। मंगल ग्रह को खुश करने के लिए आप गुड़ और मसूर दान करें। गुरु की प्रसन्नता के लिए चने की दाल और शक्कर दान करें। चंद्रमा की प्रसन्नता के लिए चावल और घृत का दान करें। राहु की प्रसन्नता के लिए तिल और तेल का दान करें। इन उपायों को करके आप ग्रहों को शांत और प्रसन्न रख सकते हो।

अगर फिर भी आपके मन में ग्रहों के बारे में कोई शंका या सवाल हो तो आप नोएडा स्थित बजरंगी धाम आ सकते हो।

जय बजरंग बली

 

Also explained in ENGLISH as below. 

Remedies to calm down your planets-

Faith, conviction and devotion are three non-shakeable attributes of our personality and we have been following these with full dedication. If we talk about human beings, since our birth to death we practice many rituals and customs in life as per our religious faith. Mountains, rocks and stones have been worshipped since ages. This is only due to devotion, for sure. We are able to perform and succeed as per our devotion. This supports the saying, “Man changa to kathoti mein Ganga”; means if our soul and heart are pious then we are completely holy even after taking bath from the water filled in small tub as carried by sages.

People were very simple in ancient times. There was no pretence. All their actions were offered to the almighty with full devotion and their prayers were even heard and wishes were granted. Thus, people are still devoted to be ritualistic. If we talk about planets and stars, people do get religiously devoted to this. Had there been no sunlight, earth would be dark and cold. There may not have been any life, it is only due to sunrays that we have energy on earth; the only natural source of light and power to us. It is often said that we are blessed only if we are happy. Sorrowful people only attract misfortune. So, if someone is unhappy we must try to please him.

Planets which are not transiting right; shall be pleased and given right path by chanting Mantras or by offering prayers. This is an effective way to remain happy. To please your ‘Grehas’, you can get made their representative idol in brass, rhinestone, red sandalwood, gold, silver, iron, lead or bronze. One must wear such “Yantrakrati” only after activating (Pratishthit) them holy energy. One must include flowers, incense sticks and earthen lamps (deepak) as offering in prayer. Troublesome stars should be offered fruits for their satiation. Prasad must be distributed and consumed.

To fix planetary defects, one must bathe with herbs (herbal bath). This is very simple. If you will get “Shanti-Karma” performed as per your affordability and devotional capacity; you are bound to be successful to receive blessings. One can donate (daan) jaggery and wheat to please lord Sun. To please Mars, you must donate jaggery and red lentil (Massor dal). To please Jupiter, donate chickpeas lentil and cane-sugar (Powdered jaggery). To please Moon, donate rice and clarified butter. To please Rahu, donate sesame and oil. By religiously following these measures you can please your planets and stars and calm them down.

Still if you have any doubts or queries about planets and stars, you may please visit Bajrangi Dham at Noida.

Jai Bajrangbali!   

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