क्यों होता है विवाह में विलंब

क्यों होता  है विवाह में विलंब

 आज कल अधिकतर ये देखा गया है की किसी न किसी कारणो से विवाह में विलंब हो रहा है जो कि एक बहुत बड़ी समस्या है |  ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से विवाह में विलंब होने के प्रमुख कारण हैं जन्म कुंडली के सप्तम भाव में अशुभ, अकारक एवं क्रूर  ग्रहों का स्थित होना तथा सप्तमेश एवं उनके कारक ग्रह बृहस्पति / शुक्र  एवं भाग्येश का निर्बल होना | यह ग्रह संयोग बनने से विवाह में विलंब होता है | इसके अलावा अगर विवाह हो भी जाये तो, विवाह होने के बाद भी यह ग्रह आपके विवाहिक जीवन पर प्रभाव डालते है जिसके कारण वैवाहिक जीवन में कलह, तनाव, अलगाव, सम्बन्ध विच्छेद जैसी अनेक परेशानी उत्पन होती हैं |

ज्योतिष विद्वानों के मतानुसार मांगलिक दोष होने पर विवाह में विलंब होती है और 28 वर्ष के पश्चात् ही विवाह का योग बनता हैं |

कई बार बहुत प्रयासों के बावजूद विवाह का योग नहीं बन पाता है। ऐसे में व्यक्ति की निराशा बढ़ती है। दरअसल कन्या की कुंडली में विवाह कारक बृहस्पति होता है और पुरुष की कुंडली में विवाह का विचार शुक्र से किया जाता है। यदि दोनों ग्रह शुभ हों और उन पर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ती हो तो विवाह का योग जल्दी बनता है। वैसे विवाह में देरी के लिए बहुत से अन्य ग्रह भी कारक होते हैं।

अगर हो रही है विवाह में विलंब तो आप अपनी कुंडली का विवेचन विद्वान एस्ट्रोलॉजी से अवश्य कराये और उनके द्वारा बताये गए उपाए को करते है तो अवश्य ही आप कि समस्या का समाधान होगा |

Comment & Reviews

Suvarna 2017-11-19
Good post
User Name:Suvarna

Reply:
Sanjeev 2017-11-19
Good inputs with novelty
User Name:Sanjeev

Reply: Thanks for your feedback
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