हर रंग कुछ कहता है...

हर रंग कुछ कहता है...

रंग हमारी ज़िंदगी में एक नई उमंग और उत्साह लेकर आते हैं। रंगों के बिना तो जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। हर रंग हमें कुछ कहता हुआ नज़र आता है। देखिए न जब हम रंग-बिरंगे फूलों को देखते हैं तो हम उनकी खूबसूरती पर फिदा हुए बिना नहीं रह सकते। आप सोच रहें होंगे कि मैं विनय बजरंगी आपको फूलों की सुंदरता के बारे में बताने लगा हूं तो आप गलत सोच रहें हैं दरअसल मैं आपको घर की साज सज्जा में वास्तु के अनुसार क्या महत्व है उसके बारे में बताता हूं।जीवन के हर क्षेत्र में रंगों का अपना अहम स्थान है। अगर रंग न होते तो हमारी जिंदगी नीरस होती। रंग ही हमें जीने की जांच सिखाते हैं।

हर राशि और ग्रह का रंगों पर अधिकार है। इसलिए घर में रंग-रोगन करवाते समय रंगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पूजा वाले कमरा खुला, हवादार और साफ-सुथरा होना चाहिए। ये घर का वो स्थान है यहां आसमान दिखाई देता है। इसकी दीवारों का रंग क्रीम और हल्का ब्राऊन और छत का रंग सफेद होना चाहिए।

घर के किसी कोने में मकड़ी के जाले नहीं होने चाहिए इससे राहु के अशुभ प्रभावों का सामना करना पड़ता है।

अध्ययन वाले कमरे का रंग हल्का आसमानी और छत सफेद होनी चाहिए।

मेन बेड रूम का रंग हल्का नीला और छत सफेद होनी चाहिए।

बच्चों के कमरे का रंग हल्का हरा और छत सफेद होनी चाहिए। मेहमानों के कमरे का रंग पीला, रसोई का पीला या क्रीम, स्टोर का रंग हल्का ब्राउन और बाथरूम का रंग हल्का नीला, जबकि ड्रांइग रूम का रंग हल्का नीला और क्रीम होना चाहिए।

घर में सीलन नहीं होनी चाहिए। इससे आर्थिक तरक्की में बांधा आती है।

फर्श, दीवारों और छत पर दरारें नहीं होनी चाहिए। ये दरारें घर के सदस्यों के बीच दरारें पैदा करती हैं।

किसी भी देवता की तस्वीरें आमने-सामने नहीं लगानी चाहिए। इससे कोर्ट कचहरी संबंधी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

घर में मोर के पंख रखना शुभकारी होता है इससे राहु के प्रकोप से तो निजात मिलती है वहीं छिपकलियों का भी खात्मा होता है।

रंगों के अलावा घर की साज सज्जा भी बहुत जरूरी है लेकिन वास्तु को ध्यान में रखते हुए। अगर आपके मन  कोई सवाल है तो आप नोएडा स्थित बजरंगी आ सकते हो और अपनी किसी भी तरह की उलझन का समाधान जान सकते हो।

 

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