SHEETALA ASHTAMI

DR. VINAY BAJRANGI

इस वर्ष शीतला अष्ठमी व्रत 9  मार्च  2018  मनाया जाएगा |

चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत किया जाता हैं | इस व्रत को करने से उपवासक की आयु तथा संतान की कामना पूरी होती हैं | यह व्रत विशेष रूप से स्त्रियों के द्वारा किया जाता हैं | इस दिन उपवासक को गर्म जल से स्नान करने से बचना चाहिए | साथ ही इस दिन व्रत करने वाली  स्त्रियों को गर्म भोजन करने से भी बचना चाहिए | इस व्रत को उतरी भारत में विशेष रूप से किया जाता हैं |

शीतला अष्ठमी व्रत कथा

एक बार किसी गाँव में गांववासी शीतला माता की पूजा - अर्चना कर रहे थे, तो माँ को गांववासियों ने गरिष्ठ भोजन का प्रसाद चढ़ा दिया | जिससे शीतलता की प्रतिमूर्ति माँ भवानी का गर्म भोजन से मुहं जल गया तो वे नाराज हो गई और उन्होंने कोपदृष्टि से सम्पूर्ण गांव में आग लगा दी | बस केवल एक बुढ़िया का घर ही सुरक्षित बचा हुआ था | यह देख गांव वालों ने जाकर उस बुढ़िया से घर न जलने के बारे में पूछा तो बुढ़िया ने माँ शीतला को गरिष्ठ भोजन खिलने वाली बात कही और कहा की उन्होंने रात को ही भोजन बनाकर माँ को भोग में ठंडा - बासी भोजन खिलाया | जिससे माँ ने प्रसन्न होकर बुढ़िया का घर जलने से बचा लिया |

बुढ़िया की बात सुनकर गांव वालों ने शीतला माता से क्षमा मांगी और रंगपंचमी के बाद आने वाली सप्तमी के दिन उन्हें बासी भोजन खिलाकर माँ का बसौड़ा पूजन किया |