CORRECT WAY TO PUT A PEARL RING

The Metholodogy to energise the PEARL Ring before putting it on is explained as under.

 

Explained In English-

Please put a Pearl

This is a gem which represents Moon. You can put on a Basra Pearl as well.

Weight of the Gem :- As Specified

Metal of the Ring :- Silver/Platinum/White Gold

Day to put on the Ring: Monday of Waxing Moon

Finger: Right Hand Little finger.

Method to Wearing the Ring: - You have to wear the emerald on Monday of waxing moon. Please arrange for the following things by Sunday positively:

  1. 1.25 mts of White cloth (cut piece)

  2. 1.25Kgs of Rice

  3. Half kg of milk

  4. 100g of Euryale Ferox

  5. Five fruits

  6. One small bottle of Ganga jal or fresh water.

 

Please put the ring in the mixture of ganga jal and milk on Sunday night. After having bath on the morning of Monday in between 07:00 AM to 09:00AM, place the above things in a plate along with the ring. (the ring should be taken out from the mixture and washed with ganga jal prior to placing on the plate). Place this plate in front of your home temple and recite the following mantra 216 times with the aid of Budh rosary.

ओम श्राम श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः

 

 

Put on the ring on your little finger after this.

 

After this ritual donate the items of the plate in a nearby by temple along with some money as dakshina.

Explained In Hindi-

मोती  की अंगूठी को अभिमंत्रित करने की विधि निम्न प्रकार से है |

 

हिंदी में विधि-

मोती  धारण करें

 यह चन्द्रमा  का रत्न है, आप बसरा का मोती  भी धारण कर सकते है/

रत्न का भार : जैसे बतलाया गया हो |

अंगूठी की धातु :- चांदी / सफ़ेद सोना / प्लैटिनम

अंगूठी धारण करने का दिन :- शुक्ल पक्ष का सोमवार 

अंगूठी धारण करने की अंगुली :- सीधे हाथ की कनिष्टिका  ( छोटी  अंगुली)

धारण करने की विधि :- आपको यह अंगूठी शुक्ल पक्ष के सोमवार  को धारण करनी है/ रविवार  को निम्न वस्तुओं की व्यवस्था करें :

1) सवा मीटर सफ़ेद कपडा

2) सवा किलो चावल

3) 250 दूध

4) 100 ग्राम मखाने

5) पांच फल

६) एक शीशी गंगा जल

रविवार  की रात को अंगूठी गंगाजल व दूध  के मिश्रण में   देवें/ सोमवार  की सुबह प्रातः 7:00 से 09:00  के बीच स्नान करने के बाद, उपरोक्त सामग्री को एक तश्तरी में सजाएं तथा अंगूठी गंगाजल  व दूध के मिश्रण से निकालें तथा गंगाजल से साफ़ करें/ अपने मंदिर के समक्ष इस तश्तरी को रखें तथा सोम  माला से निम्न श्लोक को दो मालायें यानि २१६ बार उच्चारित करें /

ओम श्राम श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः

इसके बाद आप अंगूठी को पहन लेवें और तश्तरी के सारे सामान को समीप के मंदिर में दान कर दें /

इति सम्पूर्णं