ललाट या माथे की रेखाओं से भविष्य कथन : डा. विनय बजरंगी

जैसे हाथ की रेखाओं, चिन्हों आदि से भविष्य ज्ञात करके भविष्यवाणी की जाती है, उसी प्रकार यदि ज्योतिष शरीर के अन्य अंगो के विषय में जानकार है तो भविष्यवाणी काफी सटीक होती है | शरीर के अन्य अंगों से फल जानकर जन्मकुंडली के साथ आदि भविष्यवाणी की जाय तो वह अधिक सही होती है |

मनुष्य के ललाट की रेखाओं का अध्ययन करके की गई भविष्यवाणी यदि जन्म कुंडली के साथ समायोजित की जाए तो कथन में यथार्थ अधिक होगा |
ललाट को देखकर, उस पर उभरी रेखाओं से जातक के विषय में सरलता पूर्वक बहुत कुछ कहा जा सकता है | मनुष्य का भूत, भविष्य, और वर्तमान सभी कुछ उसके उसका चरित्र, स्वभाव, मनोदशा का सारा हाल जाना जा सकता हैं |

ललाट या मस्तक को दो भागो में बाटा गया हैं |
1. ऊपरी ललाट
2. निचला भाग

ऊपरी मस्तष्क सिर के सामने के भाग से मध्य तक के भाग को लेते हैं | निचले को हम मध्य ललाट से भौहों तक के भाग को लेते हैं |

forehead vinay bajrangi
ऊपरी ललाट (मस्तक)

हल्का गोल :-

ऊपरी ललाट सुंदर गोलाई में उभार लेते हुए मध्य तक आये तो इस प्रकार का व्यक्ति विद्या में मेधावी, चालाक तथा बुद्धिमान होता है | गोलाई में नुकीलापन न हो अन्यथा व्यक्ति बुद्धिहीन तथा मुर्ख होगा |

हल्के गोलाई से व्यक्ति दयालु स्वभाव का तथा परोपकारी होता है | ऐसा व्यक्ति तर्कशील और तीव्र स्मरणशक्ति वाला होता हैं | ऐसे व्यक्ति जिद्दी स्वभाव के होते हैं तथा यात्राओं में रूचि रखता हैं |

अविकसित ललाट :-

यह ललाट गद्देदार, चपटा या नुकीला होता | ऐसे व्यक्ति के गुणों में कमी होती हैं | बेकार के और भद्दे विचारों वाला, उतावलापन, शीघ्र क्रोध में आने वाला, बने काम को बिगाड़ने वाला होता हैं | पुलिस और सेना में ऐसे लोग सफल होते हैं | यदि ललाट अत्यधिक अविकसित हो तो व्यक्ति धोखेबाज होता हैं | इनकी स्मरण शक्ति बहुत कमजोर होता हैं |

मस्तक पर बाल :-

यदि मस्तक पर बाल उगे हो तो ऐसे व्यक्ति सामान्य से अधिक चतुर तथा बुद्धिमान होता हैं | छोटे तंग ललाट पर भी बाल दूर से उगे हों तो भी व्यक्ति बुद्धिमान होता हैं | यदि बाल नजदीक से हो तो इनका माता – पिता से व्यवहार ठीक नहीं होता हैं | यदि कोने में बाल उगे हो तो ऐसा व्यक्ति सामान्य से अधिक मेहनती होता हैं | इनके मित्र काम होते हैं | इन्हें पुश्तैनी बीमारी भी हो सकती हैं | यह समय का सदुपयोग नहीं कर पाते | यदि बालों द्वारा V की आकृति बनी हो तो मित्र बनाने में निपुण होते हैं |

lower forehead vinay bajrangi
निचला मस्तक :-

निचला मस्तक अर्थात भौहों से ऊपर का भाग जिन व्यक्तियों का सुंदर, समतल परन्तु हल्का सा उभार लिए हो तो ऐसा व्यक्ति कार्य करने से पहले उसपर पूरा विचार करता हैं, फिर वह कार्य करता हैं | ऐसे व्यक्ति सुंदरता के उपासक होते हैं, और इनके कार्य की प्रशंसा होती हैं | इसका ऊपरी भाग जीवन में लक्ष्य के प्रति सजकता दर्शाता हैं | यदि यह भाग स्पष्ट एवं उन्नत हो तो वे विषम एवं प्रतिकूल परिस्थितियों के होते हुए भी अपने लक्ष्य के प्रति अत्यंत धैर्य से कार्य को संपन्न करते हैं | इस प्रकार के ललाट वाले व्यक्ति कवि, संगीतकार और कलाकार होते हैं | निचले हिस्सों के कोनों से चौड़ाई यदि हो तो स्वतंत्र विचार होते हैं | ऐसे व्यक्ति को जल्दी कार्य करने की क्षमता होती हैं तथा वे धनी व संगीत प्रेमी होते हैं |

DR.VINAY BAJRANGI face reading

मध्य भाग :-

मस्तक का यह भाग स्मरण शक्ति का घोतक हैं | जिनका यह भाग सुंदर गोलाई एवं किनारों में हल्की ढलान लिए हो तो ऐसे लोग विश्वसनीय स्वभाव के होते हैं | मध्य भाग फैला तथा चपटा हो तो व्यक्ति क्रोधी होता हैं | यदि यह भाग दबा हुआ हो तो व्यक्ति शंकालु होता है | इस प्रकार के व्यक्ति स्वभाव के चिड़चिड़े होते हैं | ललाट के इस हिस्से में बाल उगे हुए होते है वे कम मिलनसार, दब्बू तथा किसी के द्वारा की गई गलती को जल्दी माफ़ नहीं करते | कोनों तथा अंतिम हिस्से पर अधिक बाल हो तो ऐसे व्यक्ति का जीवन संघर्ष में गुजरता हैं | अधिक मेहनत पर लाभ प्राप्त नहीं होता | मस्तक के कोनों तथा कानों के ऊपर का भाग जिनका अधिक उठा होते है वे स्वभाव के निर्दयी एवं क्रूर होते है| सारांश यह है कि सुंदर ललाट बुद्धिमान का प्रतीक तथा गुणों से युक्ति होता हैं | यदि यह गद्देदार न होकर गहरा हो तो ऐसे व्यक्ति चालाक एवं कुशल व्यवहारी होते हैं | यदि समतल हो तो बिना विचार किये काम करते हैं |

design of the forehead

ललाट की बनावट निम्न प्रकार की हो सकती है |

1. धनुषाकार ललाट
2. उन्नत साफ सुथरा, अर्धचन्द्रकार, उन्नत ललाट,
3. सकुंचित, संकरा, भीतर को धंसा, और छोटा ललाट |
मनुष्य के ललाट पर अधिकतम सात प्रकार की रेखायें पाई जाती है |

the lines of forehead

ललाट पर पाई जाने वाली रेखाएं क्रम से निम्न होती है |

1. बालो के नीचे जो सबसे पहली रेखा होती है वह शनि रेखा कहलाती है
2. इस रेखा के नीचे वाली रेखा को गुरु रेखा कहते हैं |
3. इस रेखा के नीचे वाली रेखा को मंगल रेखा कहते हैं |
4. चतुर्थ पर सूर्य रेखा कहते हैं |
5. पंचम पर चंद्र रेखा कहते हैं |
6. छठी रेखा शुक्र रेखा कहते हैं |
7. अंतिम रेखा को भूढ़ रेखा कहते हैं |

forecast as per forehead lines

रेखाओं के आधार पर भविष्यवाणी

1. यदि पहली रेखा स्पष्ट सीधी है तो मनुष्य बुद्धिमान होगा | इसके विपरीत अर्थात यदि टेढ़ी- मेढ़ी तो चिड़चिड़ा तथा मुर्ख होगा |
2. यदि गुरु रेखा सीधी हो तो मनुष्य ईमानदार, सच्चरित्र, विद्वान होगा और यदि टेढ़ी – मेढ़ी हो तो व्यक्ति अनैतिक कार्य करने वाला होगा |
3. यदि मंगल रेखा उपरोक्त प्रकार से हो तो व्यक्ति कार्य में सफल होने वाला होता है | विपरीत होने पर कार्य में असफलता मिलती हैं |
4. सूर्य रेखा सीधी एवं स्पष्ट हो तो व्यक्ति बुद्धिमान तथा जीवन में सफल होता हैं | यदि टेढ़ी – मेढ़ी हो तो लोभी, कंजूस होता हैं |
5. चंद्र रेखा सीधी हो तो व्यक्ति चतुर, दूरदर्शी, सूक्ष्मदर्शी होता है और यही रेखा टेढ़ी – मेढ़ी होतो व्यक्ति मुर्ख, अज्ञानी, कमजोर मस्तिष्क वाला होता हैं |
6. शुक्र रेखा सीधी हो तो व्यक्ति सुखों का भोग करने वाला, सच्चाई पर चलने वाला होता हैं |
7. बुध रेखा सीधी हो तो व्यक्ति भाषण कला में माहिर तथा सामने वालों को प्रभावित करलेने वाला होता हैं | यदि रेखा टेढ़ी – मेढ़ी हो तो व्यक्ति झूठ बोलने बाला तथा धोखा देने में उस्ताद होता हैं |

result of the line vinay bajrangi
ललाट रेखाओं के फल :

1. मंगल रेखा छोटी हो तो गरीबी की सूचक हैं |
2. मंगल और गुरु की रेखायें बिच में टूट जाये तो भी दरिद्रकारक होती हैं |
3. मंगल रेखा सांप के आकर की हो तो मनुष्य हत्यारा हो सकता हैं |
4. गुरु और शनि रेखा धनुषाकार तो यह लंपट होने की सूचक हैं |
5. मंगल, गुरु, शनि, की रेखाएं टूटी हो तो भाग्यहीनता की सूचक हैं |
6. मंगल और शनि की रेखायें टूटी हो तथा गुरु की रेखा नीचे की ओर झुकी होतो सौभाग्य एवं धन लाभ की सूचक हैं |
7. ललाट की तीन रेखायें स्पष्ट, सीधी और गहरी हो तो भाग्यवान होने की सूचक हैं |
8. ललाट में तीन से अधिक रेखायें टूटी या छिन्न – भिन्न हो तो यह दुर्भाग्य की सूचक हैं |
9. गुरु रेखा में शाखायें हो तो यह झूठ बोलने की सूचक हैं |
10. ललाट में सांप की आकर की एक रेखा बली होने की सूचक हैं |
11. सूर्य रेखा छोटी और शुक्र रेखा इससे लम्बी हो तो सच्चरित्रता की सूचक हैं |
12. सूर्य रेखा के बीच में कटा होना क्रोधी, झगड़ालू और कामी होने की सूचक हैं |
13. सूर्य रेखा का वक्राकार होना कठोरता का सूचक हैं |
14. सूर्य रेखा और मंगल रेखा सांप की आकृति की हो तो दरिद्रता का सूचक हैं |
15. सूर्य रेखा और मंगल रेखा सांप की आकृति की हो तो धार्मिक, उच्चवर्ग के सत्संग में रहने और दयावान होने के सूचक हैं |
16. शनि और गुरु रेखाओं के ऊपरी भाग में अर्धचंद्र रेखायें बन रही हैं तो सौभाग्य के सूचक हैं |
17. सूर्य रेखा धनुषाकार और शुक्र रेखा बीच में खंडित हो तो रसायन शास्त्री, और धार्मिक होने की सूचक हैं |
18. शनि और मंगल रेखायें सर्पफन की भांति हैं तो फांसी से मृत्यु की सूचक हैं |
19. शनि रेखा लघु, गुरु रेखा टूटी तथा मंगल रेखा शाखा युक्त होतो हत्यारा होने का सूचक हैं |
20. शनि रेखा और गुरु रेखा आपस में मिल जाएँ तो यह भी हत्यारा होने का सूचक हैं |

भविष्य कथन वही शास्त्री सही कर सकता है जिसे शरीर के अंगो को पढने और पहचानने का भी बोध है |
मैं डा विनय बजरंगी आपको को आश्वस्थ करना चाहता हूँ की मेरे पिछले 25 साल के अनुभव में मैंने इन गुणों को अपने भविष्य कथन में भली भाँती समावेश किया है |
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vinaybajrangi

I am a double Doctorate in Indian Vedic Astrology, practicing various branches of Indian astrology since the year 1996 A.D. I have mastered the various modes of ancient Vedic astrology and have picked up the uniqueness of all. I combine the following modes while decoding the future: • Parashari Technique • Brighu Technique • Krishnamurthy Paddayti • K.P. • South Indian Nadi’s I am also expert in the following fields: • Birth time rectifier • Pre and Post marriage counselor • Chart match expert • Handwriting expert • Past life analyst • Subject selection for students • Vastu Expert Apart from this, I am a Karma corrector, the applicator of Vedic principles so that a person leads a righteous life. I formulate Bhagya Samhita, which decodes the future of the native for the coming 10 years. I prescribe simple remedies which can alter the present precarious situation that the life faces. With headquarters at Bajrangi Dhaam in Sector-66, Noida, I am a traveling Guru, often visiting cities in India and abroad to meet my clients.

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