मांगलिक का गैर- मांगलिक से विवाह : डा. विनय बजरंगी

मांगलिक का गैर- मांगलिक से विवाह : डा. विनय बजरंगी


मांगलिक का गैर- मांगलिक से विवाह : डा. विनय बजरंगी

भारतीय हिन्दू समाज में यदि कुंडली को लेकर कोई सबसे बड़ी भ्रांती है तो वह है मंगल दोष या मांगलिक दोष को लेकर | व्यक्ति कुंडली पर विश्वास करता हो ना करता हो, लेकिन मांगलिक होने के भाव से हमेशा परेशान रहता है | यह बात अति गंभीर तब हो जाती है जब किसी कन्या की कुंडली में यह दोष हो क्योंकि पुनर्विवाह को हेय दृष्टि से देखना,  आर्थिक तौर पर पुरुष पर निर्भरता, पुरुष प्रधान समाज यह महिलाओं के बंधत्व की निशानी हैं और हमारा समाज अभी इससे उबरा नहीं है |

लेकिन मंगल दोष सिद्ध करने के जो पौराणिक नियम है उनका हम लोग सही प्रकार से अनुपालन नहीं करते हैं और जिस त्रुटिपूर्ण विधियों से हम मंगल दोष को आंकते है, वह हमारे समाज की आजकल की संरचना में तरीके से बैठते हुए नहीं नज़र आते है | आजकल परिवार लघु एवं  छोटे हो गए है, स्त्रियों ने काम करना  आरम्भ कर दिया है, बच्चो के ऊपर उनके बुजुर्गो का हाथ कम हो गया है ऐसे में मंगल दोष आंकने का जो तरीका ज्योतिष अपनाते हैं और कई कुंडलियां मंगल दोष होने के कारण रद्द कर देते हैं , उस विधि तो अब सही करने की आवश्यता है |

सबसे पहले जानते है कि शास्त्रों में किस भाव में मंगल की उपस्तिथि को मांगलिक दोष होने की संज्ञा देते है |

  1.  मंगल प्रथम भाव मेंmangal -1 vinaybajrangi

2. मंगल द्वितीय भाव मेंmangal -2vinaybajrangi

 

3.  मंगल चतुर्थ भाव में mangal 4vinaybajrangi

4. मंगल सप्तम भाव मेंmangal-7vinaybajrangi

5. मंगल अष्ठम भाव मेंmangal 8vinaybajrangi

6.मंगल द्वादश भाव मेंmangal 12vinaybajrangi

 

जो सामान्य नियमो को आधार मानते हुए ज्योतिष करते है वो उपरोक्त छः भाव में उपस्थित  मंगल को मांगलिक कुंडली होने की संज्ञा देते है | जिसका अभिप्राय यह हुआ की 50% कुण्डलियाँ यानि कि हर दूसरा व्यक्ति मांगलिक हुआ|  लेकिन इस भावों का राशियों के साथ अति गहरा सम्बन्ध है | आइए देखते है कि मंगल किन किन राशियों पर मंगल दोष को जनित करेगा और किन राशियों में वो मंगल को जनित नहीं करेगा |

1.मेष राशि  में उपस्थित मंगल स्वग्रही होता  है, जो मांगलिक दोष नहीं देगा |

  1.  वृषभ राशि में मंगल शुक्र के घर में है | शुक्र प्रेम है, तथा मंगल जो अग्नि है, इनका मिलान वैवाहिक जीवन के लिए ख़राब नहीं है | मंगल की यह स्थिति भी मांगलिक दोष को जनित  नहीं करती |
  2. मिथुन राशि में मंगल – मांगलिक दोष को जनित करता है |
  3.  कर्क राशि में मंगल नीच का है | अर्थात मंगल उग्र नहीं होगा अर्थात यहाँ पर मंगल दोष नहीं हुआ |
  4.  सिंह राशि में मंगल मांगलिक दोष का जनित करता है |
  5.  कन्या राशि में मंगल मांगलिक दोष को जनित करता है |
  6.  तुला राशि में मंगल शुक्र के घर में है | शुक्र प्रेम है, तथा मंगल जो अग्नि है, इनका मिलान वैवाहिक जीवन के लिए ख़राब नहीं है | मंगल की यह स्थिति भी मांगलिक दोष को जनित  नहीं करती |
  7.  वृश्चिक राशि में उपस्थित मंगल स्वग्रही है जो कि मांगलिक दोष नहीं देता |
  8. धनु राशि गुरु की होती है तथा गुरु की राशि में मंगल विपरीत रूप से सक्रिय नहीं होता है, अर्थात मंगल दोष नहीं लगता है |
  9.  मकर राशि में मंगल उच्च अवस्था का होता है, यानि यहाँ पर भी मंगल का दोष नहीं लगता है |
  10.  कुंभ राशि में मंगल की स्थिती थोड़ी विपरीत होती है , यहाँ पर मंगल विपरीत रूप से सक्रिय हो सकता है, इसलिए यहाँ पर मंगल दोष माना जाता है.

12.मीन राशि गुरु की होती है गुरु की राशि में मंगल विपरीत रूप से सक्रिय नहीं होता है अर्थात मंगल दोष नहीं  लगता है.

अर्थात  50 % लोगो पर जो मांगलिक दोष था वो  घट कर सिर्फ 4 % लोगों  पर रह गया वो भी तब  जब यह राशियाँ 1,2,4,7,8, और 12 भाव में हों, यानि सिर्फ 3-4 % लोग ही मांगलिक बचे |

 

      एक गैर मांगलिक  का विवाह मांगलिक से

परेशानी का विषय यह रहता है की यदि बच्चा मांगलिक है तो उसके लिए जीवन साथी मांगलिक ही ढूँढ़ा  जाए लेकिन इस बात पर ध्यान  नहीं दिया जाता कि  यदि कुंडली वास्तव में मांगलिक भी है तब भी दूसरी गैर मांगलिक कुंडली – मांगलिक कुंडली  के मंगल दोष का परिहार कर सकती है |

 

कैसे मांगलिक दोष का परिहार करे एक गैर मांगलिक कुंडली के साथ

एक गैर मांगलिक कुंडली के 3,6,11 भाव यानि उपचय भाव में यदि कोई नैसर्गिक क्रूर से  क्रूर ग्रह बैठा होता है, यानि मंगल, राहु, केतु ,सूर्य या शनि तो यह  गैर मांगलिक कुंडली मांगलिक की कुंडली के मंगल दोष का परिहार कर देती है |

mangal-1, vinaybajrangi

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अर्थात  3 से 4 % लोग जो मंगल दोष से पीड़ित होते  है उनका विवाह भी गैर मांगलिक जातक से संभव है अर्थात मांगलिक दोष से भय खाने की आवश्कता नहीं है | मंगल दोष के आलावा बहुत अन्य तरीके से कुंडली का मिलान किया जाता है जिसे सर्व शुद्ध कुंडली मिलान कहा जाता है | आपसे अनुरोध है कि मंगल दोष के भ्रम में न पढ़ते  हुए सर्व शुद्ध कुंडली मिलान को ही प्राथमिकता दे |

डा. विनय बजरंगी ने इस प्रकार की कई धारणाएं गलत सिद्ध की है | बहुत से युगल जो प्रेम से बांधें हों, उनको गलत जानकारी दी जाती है की उनमें से कोई एक मांगलिक है , जबकि ऐसे बहुत से नियम होते है जो इन दोषों का परिहार करते हैं और साथ विवेक को सुनिश्चित करते हैं |

और जानकारी के लिए आप youtube की इस वीडियो को देखें |

Read More: Hindustan Times also captures Karma Korrection techniques of Dr. Vinay Bajrangi

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4 thoughts on “मांगलिक का गैर- मांगलिक से विवाह : डा. विनय बजरंगी”

  1. मैं इन सब चीजों पर बहुत भरोसा करता हूं
    और मैं आप लोगों की वेबसाइट को हमेशा फॉलो करता हूं
    मुझे उम्मीद है कि आप आगे भी अच्छी-अच्छी चीजें लाते रहेंगे
    मैं रिक्वेस्ट करूंगा कि आप लोग मेरी वेबसाइट पर भी विजिट करें धन्यवाद

    • आपका आभार , मेरी कोशिश रहेगी कि मैं आपकी उमीदों पर खरा उतरूं

  2. Doctor sahab Namaskar,
    I liked your video very much, these are very informative and cleared many doubts. I would like to get the things clear from your side, before proceeding ahead. Please advise:-
    My son’s birth details are as below:-
    Name- Pawan
    D.O.B.-02.10.2987
    Time-10.06AM
    Place-Ramnagar(Uttarakhand)

    The girl’s detail are as under-
    Name- Anita
    D.O.B.-26.07.1987
    Time- 17.03 PM
    Place-Kanpur(UP)
    Girl is manglik, as Mars is in 8th house. Kindly advise, whether this alliance is compatible or not. I shall waite for your pecious advice.
    Thanks and Regards,

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