ग्रहों को करें खुश और मुसीबतों को करें पुश: Dr. Vinay Bajrangi

ग्रहों को करें खुश और मुसीबतों को करें पुश: Dr. Vinay Bajrangi

रिश्ते अनमोल होते हैं लेकिन इसकी डोर बहुत नाजुक होती है, फिर चाहे रिश्ता पति-पत्नी का हो, सास-बहू का हो, पिता—पुत्र का हो या फिर भाई-भाई का, इनके बीच कभी न कभी आपस में टकराव हो ही जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारे जीवन में रिश्ते इसलिए भी मायने रखते हैं क्योंकि हरेक रिश्ता किसी ना किसी ग्रह से संबंध रखता है। ऐसे में यदि अगर रिश्ते मजबूत होंगे तो उससे संबंधित ग्रह भी मजबूत होता है। इसलिए एक बात गांठ बांध कर रख लें कि ग्रहों को सुधारने के लिए रिश्तों को सुधारना अत्यंत आवश्यक है। आपके रिश्ते जितने मधुर होंगे उस रिश्ते से उस ग्रह को उतनी ही मजबूती मिलेगी। तो आइए आज बात करते हैं कुछ ऐसे ही रिश्तों की और उनसे जुड़े ग्रहों की। साथ ही उन ग्रहों को बली बनाने और उनका शुभ प्रभाव पाने के कुछ सरल सहज और व्यवहारिक उपायों की:

SURYA KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान सूर्य ही एक मात्र ऐसे देव हैं, जो साक्षात दिखाई पड़ते हैं। इनकी विधि-विधान द्वारा पूजा करने से सफलता, मानसिक शांति और शक्ति का संचार होता है। सूर्य यानी जो संसार में भ्रमण कर हर किसी के दुख को दूर करे। जो तेज से भरा हो, पूरी पृथ्वी को अपने वश में रखे, जिसके बगैर दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती। यदि आप जीवन में सफलता के साथ ही यश और वैभव पाना चाहते हैं तो बिना सूर्य देव की कृपा के ये संभव नहीं है। सूर्य की शुभता बढ़ाने के लिए आप उन्हें जल चढ़ाने से लेकर तमाम मंत्रों का जप आदि के तमाम उपाय करते होंगे। लेकिन आज मैं आपको वो उपाय बताउंगा जिन्हें आप अपने जीवन में अपना करके भी उनकी कृपा पा सकते हैं। आम जीवन में किए गए इन उपायों से सूर्य देवता शीघ्र अतिशीघ्र प्रसन्न होंगे। विशेष रूप से उन लोगों के उपर जिनकी कुंडली में सूर्य नीच का है।

पिता का करें सम्मान

मित्रों सूर्य का संबंध पिता और पूर्वजों से होता है। इसके बली होने से किसी भी जातक को अच्छा स्वास्थ्य, यश और राज्य का सुख मिलता है। वहीं कमजोर होने पर हड्डी और हृदय की समस्या होती है। बिना कारण अपयश मिल जाता है। सूर्य से लाभ लेने के लिए अपने पिता का सम्मान जरूर करें।

कभी न बोलें झूठ

कुंडली में सूर्य के दोष या फिर कहें उनकी नाराजगी दूर करने के लिए भूल कर भी झूठ न बोलें। ऐसा करने से निश्चित रूप से सूर्य का गुस्सा कम हो जाएगा, क्योंकि झूठ वो है, जो अस्तित्व में नहीं है और यदि हम झूठ बोलेंगे तो सूर्य को उसका अस्तित्व पैदा करना पड़ेगा। ऐसे में सूर्य का काम बढ़ जाएगा और मुश्किलें बजाय घटने के और बढ़ेंगी।  एक बार फिर कहूंगा कि सूर्य देवता को अर्घ्य देने और अपने व्यवहार में इन सरल उपायों को अपनाने से उनकी असीम कृपा हो जाती है और साधक को अपार लोकप्रियता व वैभव मिलने लगता है।

CHANDRAMA KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

ज्योतिष के मुताबिक हमारे जीवन में चंद्रमा का संबंध माता और मौसी से है। चंद्रमा से ज्रातक को अच्छा मन, पारिवारिक सुख प्राप्त होता है। वहीं इसके कमजोर होने से मानसिक कष्ट मिलता है। इससे जातक को तनाव और पत्नी से कष्ट मिलता है। चंद्रमा की शुभता प्राप्त करने के लिए माता का सम्मान करें। उन्हें मन से, वचन से या किसी भी प्रकार से कष्ट न दें। कन करें। उन्हें हमेशा खुश रखें। चंद्रमा की नाराजगी दूर करने और उन्हें मनाने का एक और व्यवहारिक उपाय है। चंद्रमा की शुभता पाने के लिए जितना ज्यादा हो सके सफाई पसंद हो जाईये। अपने आस—पास साफ—सफाई रखें और खुद भी साफ—सुथरे रहिये। निश्चित रूप से चंद्रमा का गुस्सा कम हो जाएगा। चंद्रमा को सबसे ज्यादा डर राहू से लगता है। राहू अदृश्य ग्रह है। राहू क्रूर है। हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में राहू गंदगी है। चंद्रमा (जो सबके मन को आकर्षित करता है, स्वयं राहू के मन को भी) राहू से डरता है। अत: यदि आप साफ रहेंगे तो चंद्रमा को अच्छा लगेगा और उसका क्रोध शांत रहेगा।

MANGAL KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

हमारे आपके जीवन में मंगल का संबंध भाई और मित्र से है। मंगल से पराक्रम, संपत्ति का सुख और भाई-बहनों से अच्छा संबंध प्राप्त होता है। वहीं मंगल के क्षीण होने पर किसी भी जातक के उुपर कर्ज, मुकदमेबाजी और गंभीर चोट जैसे संकट आते हैं। यदि आप जीवन में मंगल से लाभ पाना चाहते हैं तो अपनी पैतृक संपत्ति की कद्र करें। उसे बनाए रखने का प्रयास करें। साथ ही इसे बली बनाने के लिए यह उपाय भी करें। चूंकि मंगल ग्रह सूर्य का सेनापति है। वह भोजन में गुड़ का स्वरूप है। वहीं सूर्य गेहूं है। रविवार को गेहूं के आटे का चूरमा गुड़ डालकर बनाकर खाएं खिलाएं, निश्चित रूप से मंगल को बहुत अच्छा लगेगा। चूंकि सूर्य गेहूं, मंगल गुड़ और चंद्रमा घी है, और तीनों ही प्रिय मित्र हैं, ऐसे में जब तीनों मित्र मिलकर जब खुश होंगे तो गुस्सा किसे याद रहेगा। निश्चित रूप से मंगल ग्रह की नाराजगी जाती रहेगी।

BUDH KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

बुध ग्रह का रंग हरा है। वह नौ ग्रहों में शारीरिक रूप से सबसे कमजोर और बौद्धिक रूप में सबसे आगे है। बुध का संबंध बहन, बुआ, बेटी, साली और ननिहाल से होता है। बुध से अच्छी वाणी, तीव्र बुद्धि और अच्छी त्वचा का लाभ मिलता है। बुध कमजोर हो तो कमजोर बुद्धि, वाणी दोष और आर्थिक समस्याएं आती हैं। बुध से लाभ लेने के लिए पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। साथ ही बुध ग्रह की नाराजगी दूर करने के लिए गाय को हरी घास खिलाएं। धरती और गाय दोनों शुक्र ग्रह का और हरी घास बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है। पृथ्वी के अन्य पेड़ पौधों के मुकाबले घास कमजोर है। बिल्कुल वैसे ही, जैसे अन्य ग्रहों के मुकाबले बुध ग्रह है, लेकिन वह ताकत देने में कम नहीं है। हरी—हरी घास से सजी धरती खूबसूरत और खुश दिखाई देती है। घास यानी बुध और धरती यानी शुक्र। ऐसे में गाय हरी घास खाकर खुश होती है।

BRAHSAPTI KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

बृहस्पति का संबंध पिता, दादा, गुरु और देवता से है। जबकि महिलाओं की कुंडली में गुरु ग्रह पति का कारक होता है। ध्यान रहे बृहस्पति से विद्या ज्ञान अध्यात्म और ईश्वर की कृपा मिलती है। वहीं गुरु के कमजोर होने पर व्यक्ति को विचित्र तरह की बीमारी का सामना करना पड़ता है। यदि आप बृहस्पति ग्रह की कृपा पाना चाहते हैं तो आप अपने निकट रहने वाले विद्वान और बुजुर्ग लोगों की सेवा करें। अपने गुरु को सदैव खुश रखें। साथ ही बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए तोते को चने की दाल खिलाएं। तोता यानी बुध ग्रह और चने की दाल यानी बृहस्पति ग्रह। पारिवारिक विवाद के चलते बृहस्पति अपनी पत्नी तारा से नाराज रहते हैं और इसी बात से बुध अपने पिता बृहस्पति से दुखी रहते हैं। ऐसे में जब बुध स्वरूप तोता चने की दाल खाकर पेट भरेगा और खुश होगा तो बृहस्पति को खुशी मिलेगी और उसकी नाराजगी अपने आप कम हो जाएगी।

SHUKRA KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम और आनन्द का ग्रह माना जाता है। इसका संबंध पत्नी से होता है। जिस भी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति अच्छी होती है उनका वैवाहिक जीवन आनन्द से बीतता है, लेकिन अगर शुक्र कमजोर होता है तो उसे प्रेम और विवाह में असफलता मिलती है। कुंडली में शुक्र की स्थिति कमजोर होने से पति-पत्नी मे अक्सर विवाद होने का खतरा लगातार बना रहता है। शुक्र को बलवान बनाने के लिए महिलाओं का सम्माान करें। अपनी पत्नीं का यदि सम्माोन न कर सकें तो अपमान करने की चेष्टा भूलकर न करें। हमेशा अपने आचरण को शुद्ध रखें। कुंडली में शुक्र ग्रह की चाल को सही करने के लिए खानपान में खास ध्यान देना पड़ता है। अगर शुक्र को मजबूत करना है, तो मखाना से बनी हुई मिठाई या फिर मखाने की खीर खाएं। यदि आप शुक्र ग्रह की नाराजगी झेल रहे हों तो गाय को रोटी खिलाएं। चूंकि सूर्य गेहूं है और शुक्र गाय है। ऐसे में जिस तरह किसी बलवान व्यक्ति को खुद के अलावा किसी और का राजा होना नहीं भाता है, उसी तरह शुक्र को भी सूर्य के अधीन रहना पसंद नहीं है।  ऐसे में जब आप उसके शत्रु सूर्य यानी गेहूं को गाय यानी शुक्र है को खिलाएंगे तो निश्चित रूप से वह अपना गुस्सा भूल जाएंगे।

SHANI KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

मनुष्य के जीवन में शनि का संबंध चाचा, मामा और नौकर से होता है। इसके शुभ प्रभाव से जातक को नौकरी और रोजगार में सफलता मिलती है। शनि की कृपा से जातक को वाहन का सुख मिलता है, लेकिन यदि शनि कमजोर हो या फिर उसकी कुदृष्टि हो तो आजीविका नहीं मिलती। कदम-कदम पर व्यक्ति को संघर्ष करना पड़ता है। अगर कुंडली में शनि का दोष हो तो जातक को अपयश और अपमान भी सहना पड़ता है। ऐसी स्थिति में धैर्य की बहुत आवश्यकता होती है। यदि शनि की साढ़े साती या ढैया चल रही हो तो ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे जातक व्यापार में नुकसान, अपयश, बदनामी और उस सजा को भी प्राप्त करते हैं, जिसके वे हकदार नहीं होते। ऐसे में शनि से लाभ पाने के लिए, उनकी कृपा पाने के लिए सबसे पहला और सहज सरल उपाय आप अपने अपने से छोटों का सम्मान करना शुरु कर दें। ध्यान रहे कि किसी का बड़े होने का अहंकार हमें जरा भी नहीं भाता है। कुछ ऐसे ही बड़े—छोटे की बात शनि को क्रोधित कर देती हैं। इसलिए यदि हम सर्वहारा वर्ग ( मेहनतकश लोग) को खुश रखते हैं, तो शनि खुद ही खुश हो जाएगा। ध्यान रहे, आपको उन्हें दान नहीं देना है क्योंकि शनि श्रम का पुजारी है। ऐसे में किसी मेहनतकश की मेहनत का तन, मन और धन से उचित सम्मान करने से शनि की नाराजगी दूर हो जाती है।

RAHU KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

चूंकि राहू ग्रह स्वयं अदृश्य रहता है, ऐसे में उसके दिए दु:खों को समझना भी मुश्किल है। राहू के शरीर का उपरी भाग वो स्वयं है और उसके नीचे का हिस्सा केतु है। रिश्तों में राहु का संबंध साले और ससुर से है। राहु को दादा का भी प्रतिनिधि माना जाता है। राहु से राजनीतिक और फिल्मी कॅरिअर में सफलता मिलती है। राहु के प्रभाव से अचानक सफलता भी मिलती है, लेकिन यदि राहु का दुष्प्रभाव हो तो व्यक्ति अर्श से फर्श तक आ जाता है। राहु छाया ग्रह है। यह भोज देने से बहुत जल्दी शांत होता है। एक ऐसा भोज जो राहु वाले क्षेत्र में अपनी खुशबू फैलाकर राहु से संबंधित व्यक्ति जैसे कुष्ठ रोगी, सफाई कर्मचारी, शराबी—कबाबी लोग, गरीब बस्तियों में रहने वाले व्यक्ति को प्रसन्न करे। इस भोज में खिलाने के लिए डालडा घी या रिफाइन तेल से बनी बड़े साइज की पूड़ियां, मीठे में गुड़ का हलवा, सब्जी के लिए छाछ के आलू अथवा छाछ की अरबी, मूली का लच्छा का भोज कर दिया जाता है।

KETU KO PRASANN KARNE KE UPAYA VINAY BAJRANGI

केतु संतान और बच्चों से संबंध रखता है। रिश्तों मे केतु को नाना का प्रतिनिधि माना जाता है। इस ग्रह से जीवन में वैराग्य और ईश्वर की कृपा और रहस्यमयी शक्तियां प्राप्त होती हैं। वहीं केतु के दुष्प्रभाव के चलते जातक को गंभीर तरह की बीमारी का सामना करना पड़ता है। केतु से लाभ लेने के लिए भगवान शिव की पूजा फलदायी होती है। केतु के दुष्प्राभाव को दूर करने के लिए काला सफेद कम्बल कुष्ठ रोगियों को दान करना चाहिए। साथ ही कौओं को रोटी खिलाने और काले तिल का दान करने से केतु का दुष्प्रभाव जाता रहता है। यदि संभव हो तो किसी पैर से अपंग व्यक्ति को यथा संभव दान करें। इससे केतु से जुड़े कष्ट समाप्त हो जाएंगे या उनका असर कम हो जाएगा।

 

लेकिन ध्यान रहे कि कुंडली के खानों में बैठे इन ग्रहों की आपस में भी मित्रता और शत्रुता होती है। जिसे आप शायद आप न जान पाएं। आपकी कुंडली में बैठे ग्रह की किस ग्रह से मित्रता और किस ग्रह से शत्रुता रखे हुए है और कौन सा ग्रह किस ग्रह को किस भाव से देख रहा है, क्या हैं उसके शुभ और अशुभ प्रभाव, आपके जीवन में, आपके रोजी राेजगार और आपके रिश्तोंं पर उनका क्या हो रहा है असर, या फिर आने वाले समय में क्या होगा उनका शुभ या अशुभ परिणाम, जानने के लिए आप एक बार सभी दुखों को दूर करने वाले बजरंगी धाम जरुर पधारें। हमेशा एक बात याद रखें कि यदि समस्याएं हैं तो उनका निदान भी है। जिसे दूर करेंगे वे शख्स जिनके उुपर बजरंगी का आशीर्वाद है। जिन्हें बजरंगी से ज्योतिष विद्या का वरदान मिला है। जी हां, बजरंगी धाम में पहुंच कर आप न सिर्फ कुंडली के खानों में बैठे ग्रह—नक्षत्रों के प्रभाव से होने वाली समस्याओं का समाधान बल्कि अपने जीवन में आ रही सभी अड़चनों को देश—दुनिया में प्रख्यात, जाने—माने ज्योततिषविद डॉ विनय बजरंगी जी से मिलकर दूर कर सकते हैं। डॉ विनय बजरंगी जी द्वारा बताए जाने वाले ज्योतिषीय उपाय पूर्णत: सहज, सरल और सनातनी हैं। शनि देव पर अधिक जानकारी के लिए आप  YOUTUBE VIDEO  देखें तथा BLOG पढ़ें।

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