शंख बनाएगा काम…

sankhs

अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए इंसान कहा-कहा नहीं भटकता। लेकिन इस प्राकृति ने हमें बेहद नेमतों से नवाजा है और इतनी नेमतें दी है कि हम इस इंसान प्रकृति का कर्ज कभी नहीं चुका सकते। आप सोच रहें होंगे कि मैं विनय बजरंगी आपको प्रकृति के बारे में बताने लगा हूं तो आप गलत सोच रहें दरअसल मैं तो आपको एक ऐसे शंख के बारे में बताने लगा हूं जो हमारी प्रकृति का बेशकीमती तोहफा है। जी हां मैं यहां बात कर रहा हूं कामधेनु शंख की। ये शंख सभी तरह की इच्छाएं पूरी करता है। इस शंख को प्राचीन ग्रंथों में कामधेनु गोमुखी शंख कहा जाता था।

किसी भी शुभ मुहूर्त में शंख को लाल कपड़े धारण करके लाल आसन बैठाना चाहिए। शंख को ऐसे रखें जिससे आपको उसका मुंह दिखाई दे।

कामधेनु शंख के इस्तेमाल से लक्ष्मी प्राप्त की जा सकती है। ऋषि वशिष्ठ ने भी कामधेनु शंख के सामने बैठ कर देवी लक्ष्मी के साक्षात् दर्शन किए और प्रकट किया था।

शंकराचार्य ने जो एक बहुत बड़े विद्वान थे उन्होंने भी मां लक्ष्मी की अराधना इस शंख द्वारा की और उनकी ये साधना सिद्ध भी हुई। अगर किसी पूर्णिमा वाली रात को कामधेनु शंख के सामने सफेद कपड़े धारण करके उत्तर दिशा में मुंह करके माला को ग्यारह बार जाप किया जाए तो शंख में फूंक मारी जाए तो रात के समय शंख सामने सो जाए फिर प्रात: काल पूजा करनी चाहिए।

इस शंख की खासियत यह है कि यह मन की इच्छाएं तो पूरी करता ही है साथ ही मोक्ष की ओर ले जाता है। ये शंख मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के साथ-साथ इंसान की हर इच्छा की पूर्ति करता है।

कामधेनु शंख जो कि नाम से ही स्पष्ट है कामना पूरी करने वाला। साथ ही इस शंख को बजाने से प्राकृति आपदओं तक को रोका जा सकता है।

शंख से कई तरह की सिद्धियां भी हासिल की जा सकती है। इसका रोजाना दर्शन करने से आपको एक सुखद और आत्मिक सुकून मिलेगा।

शंख को समुद्र के चौदह रत्नों से सबसे बहुमूल्य रत्न माना जाता है।

कामधेनु शंख को चमत्कारी और दुर्लभ शंख माना जाता है। इसलिए तो इसे शंखराज के नाम से भी जाना जाता है।

कामधेनु शंख की साधना करने से श्रद्धालु हमेशा सुखी जीवन व्यतीत करता है।

अगर आप मन में किसी चीज़ की कल्पना मात्र करते हैं तो शंख के सामने बैठकर साधना करने से आपकी वो कल्पना भी पूरी हो जाएगी। इससे आपके आत्मबल में वृद्धि होगी। एक बार पूर्ण आस्था और विश्वास के साथ इसे स्थापित करके तो देखिए फिर देखिए आपकी इच्छाएं कैसे पूरी होती हैं।

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