मान्यताओं का महत्व

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हिन्दु धर्म में कई मान्यताएं प्राचीन काल से चली आ रही है बेशक आज हम आधुनिक दौर में प्रवेश कर चुके हैं और वैज्ञानिक आधार पर हम मान्यताओं को तोलते हैं। लेकिन फिर भी हम वैज्ञानिक दौर में भी हम आज भी उन मान्यताओं को मानते और निभाते आ रहें हैं।

उपासना, पूजा करने से मन को एक आलौकिक सुकून और शांति मिलती है। सुबह के वक्त अगर हम पूजा करते हैं तो हमारा सारा दिन ही अच्छा बीतता है। लेकिन अगर बात करें संध्या उपासना की तो स्त्री, शूद्र, द्विज मात्र को प्रतिदिन संध्या उपासना करनी चाहिए। संध्या में हमारे सारे काम का लेखा-जोखा होता है। संध्या की उपासना करने से  स्वास्थ्य ठीक रहता है और आयु लंबी होती है। संध्या उपासना को हम किए गए ऐसे कार्य का प्राचश्चित कर सकते हैं जिसका हमें पश्चाताप होता है कि हमें किसी के साथ ऐसा व्यवहार या ऐसे कटु वचन नहीं बोलने चाहिए थे जिससे किसी का मन को ठेस पहुंचे। यही नहीं ईश्वर की अराधना करने से हमें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

चलिए अब एक ओर मान्यता के बारे में आपको बताते हैं कि शिखा बांधना क्यों जरूरी होता है। शिखा रखने से हमें हर क्षेत्र सफलता मिलने के साथ यश और मान सम्मान में इजाफा होता है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि गायत्री मंत्र से शिखा बांधने से हमारे संध्या वंदन और यज्ञ अनुष्ठान पूरे होते हैं। शिखा असल में दशम द्वार होता है। दशम द्वार कही बंद न हो इसके लिए गांठ लगाई जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उस पारब्रहम परमात्मा से मेल हमेशा स्थापित रहें।

आईए अब मैं विनय बजंरगी आपको बताता हूं कि भक्ति करते हुए आसन बिछाना क्यों अनिवार्य होता है। इसलिए कुश का आसन जरूरी होता है। यहां कुश आसन होता है वहां के वातावरण में अपने आप शुद्धता आ जाती है।

कुश धारण करने से आयु लंबी और वातावरण शुद्ध रहता है। धार्मिक कार्य करने के लिए इसे हाथ में पहना जाता है। जो हमें हर तरह से पवित्रता और शुद्धता बख्शता है। पूजा-पाठ के बाद इक्ट्ठी की गई वो भक्ति की शक्ति को हम पैरों में खड़ाऊ पहन कर ही करते हैं। माना जाता है कि अगर हाथों द्वारा शरीर में परिवेश होने वाले ईश्वर से आत्म रक्षा न की जाए तो इसका दिलो दिमाग पर गलत प्रभाव पड़ता है।

देखा आपने जो प्राचीन काल में पूजा करने के वक्त मान्यताएं थी उन्हें आज भी बड़ी संजीदगी से निभाया जाता है। अगर हम मान्यताओं को मानते हैं तो वो भी हमारे लिए हमेशा फूलों की सेज सजाती हैं। आप इन मान्यताओं को मान कर और अपना कर तो देखें। फिर देखिए आपके जीवन में कैसे बहार आती है।

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