शंख की शुद्धता

sankh

शंख जब बजते हैं तो एक अलग ही सुकून देते हैं। शंख है पवित्रता का प्रतीक। शंख को अगर गुणों की खान कह लिया जाए तो कहना जरा भी गलत नहीं होगा। इसमें कौन-कौन से गुण है और ये शंख हमारी कैसे रक्षा करते हैं आईए मैं विनय बजरंगी आपको इसके बारे में बताता हूं। अगर किसी के घर में शंख रहता है तो उस घर में खुशहाली हमेशा कायम रहती है। शंख रहने से हर तरफ विजय ही विजय मिलती है। ये सबका कल्याण करता है। इसके रहने से धन की कोई कमी नहीं रहती। जिस घर में शंख की पूजा होती है उस घर में किसी तरह की कोई परेशानी या दिक्कत आ ही नहीं सकती। शंख की शुद्धता में इतनी ताकत है कि वो शत्रुता को दूर करता है।  शंख  हमें अज्ञानता से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। ये शंख हमें रोगों से दूर रखता है।

शंख को सूर्य और चंद्रमा के देवता के सामान माना जाता है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि शंख में सारे तीर्थ विष्णु की आज्ञा से ही निवास करते हैं। इस से दरिद्रता दूर होती है।

इसमें एक अद्भुत शक्ति होती है जो हमेशा सुख प्रदान करती है…दुख, दरिद्रता दूर का नामो निशान नहीं रहता, धन की हमेशा वर्षा रहती है। रोगों का नाश होता है ये शंख आपको प्रदान करता है एक नई ऊर्जा, उत्साह और जोश।

ऐसा भी माना जाता है कि अगर किसी को शंख मिल जाए और वो उसको इस्तेमाल न करें तो उस व्यक्ति से कोई दुर्भाग्यहीन कोई व्यक्ति नहीं हो सकता है। उस व्यक्ति पर तो ये कहावत ठीक बैठेगी कि बिन मांगे मोती मिले मांगे मिले न भीख। कद्र उसी व्यक्ति को होती जो इसकी अहमियत को समझता है। अगर शंख को घर में स्थापित करते हैं तो घर में किसी तरह की आर्थिक बांधा नहीं आती। देखा आपने एक शंख की शुद्धता में कितनी ताकत होती है आप इस ताकत को खुद महसूस करेंगे। जब आप इसकी शुद्धता को समझेंगे और इसे अपने घर में स्थापित करेंगे।

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