अर्घ्य करेगा आरोग्य

ardhay

प्राचीन काल से ही हिन्दु धर्म मे कई मान्यताएं चली आ रही है जिनको हम अब तक निभाते आ रहें हैं बेशक इसमें थोड़ा बहुत परिवर्तन आ गया है लेकिन आज भी हम उन मान्यताओं और परम्पराओं को निभाते आ रहें हैं। अगर कोई इन धार्मिक मान्यताओं को मानता नहीं तो उसे कई तरह के दुख और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि हम अपनी धार्मिक मान्यताओं को भुलाकर इसे पुरानी सोच कह देते हैं। लेकिन इन रीतियों का पालन न करने का ही परिणाम है कि आज हमें कई तरह के रोगों से ग्रस्त हैं। पहले लोग पूजा पाठ के साथ-साथ कई धार्मिक कार्य करते थे। जो हमें भक्ति की ओर तो प्रेरित करते थे वहीं इन्हें करने से किसी भी तरह का गंभीर रोग भी नहीं होता था। तभी तो पहले लोगों की आयु भी लंबी होती थी।

लेकिन आज की भागमभाग भरी ज़िंदगी किसी के पास भगवान का नाम लेने का भी समय नहीं है।

अगर बात करें सूर्य को अर्घ्य देने की तो इससे पापों का नाश होता है। सूर्य की किरणों में इतनी ताकत है कि वो हमें असुरी शक्तियों से बचाती है और अगर हम सूर्य को अर्घ्य देते हैं तो वो हमारे शरीर पर कवच की भांति रहकर हमारी रक्षा करता है और हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकती ये असुरी शक्तियां।

रोगों को समाप्त करने की शक्ति होती है सूर्य की इन लाजवाब किरणों में। कई तरह के रोग या बुखार के जो कण हमारे शरीर में समा कर हमारी शरीरिक प्रणाली को अव्यस्थित करते हैं। अगर हम हर रोज सुबह उठकर सूर्य देवता को जल देते हैं तो इससे वो हम पर कृपा करके हमारे रोगों के नष्ट करते हैं। सूर्य को अर्घ्य देने का इतना महत्व है कि हमारे शरीर पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ-साथ हमें कई तरह से रोगों से छुटकारा भी मिलता है तो इसलिए आप भी सुबह उठकर सूर्य देवता को करें नमन और दुखों से रहें दूर।

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