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बुखार नहीं भटकेगा आपके आसपास भी…

fever

आजकल कई तरह के बुखार चले हुए जो इंसान के शरीर को मानो तोड़ कर रख देते हैं। कई बुखार तो ऐसे है जो पंद्रह दिन तक रहते है और कई बार यही बुखार जान का दुश्मन बन जाता है। अगर आप बुखार से परेशान हैं तो इसके दवा भी ले रहें हैं लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ रहा वो कहते हैं न कि दवा से ज्यादा में असर होता तो इसके लिए आईए मैं विनय बजंरगी आपको बताता हूं कि आप कैसे बुखार से रह सकते हैं कोसों दूर। इसके लिए आपको करने होंगे कुछ उपाय। अगर किसी को भी तेज बुखार है तो इसके लिए आप हनुमान के मंदिर में  मंगलवार या शनिवार वाले दिन हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी के दर्शन करें और उसके बाद उनके चरणों में सिंदूर अर्पित करें और साथ ही इस मंत्र को आप सात बार दोहराएं।

मनोजवं मारूततुल्यवेग, जितेंद्रिय बुद्धिमता वरिष्ठ।

वातात्मजं वानरयूथ मुख्यां, श्री रामदूत शरणं प्रपद्ये।।

मंत्र का जाप करके फिर जिसको बुखार है उसके माथे पर सिंदूर लगाएं। इससे किसी भी तरह का बुखार आपको परेशान नहीं करेगा। इस क्रिया को आप पांच या सात दिन कर सकते हो।

यही नहीं बुखार से निजात पाने के लिए आप हनुमान चालीसा की चौपाई “ नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बल वीरा” का पाठ 21 बार करने से आपको बुखार से छुटकारा मिलेगा।

शनिवार वाले दिन बबूल की जड़ को सफेद धागे में लपेट कर बाई भूजा पर बांधने से भी छुटकारा मिलता है।

अगर सफेद कनेर कही हो तो उसकी की जड़ पर धागा लपेट कर बाई भूजा पर बांधने से भी ज्वर की समस्या दूर होती है।

इन उपाय को आपको पूरी आस्था और निष्ठा के साथ करना होगा तभी आपको ज्वर से मुक्ति मिलेगी। क्यों सच्चे मन से किया गया कोई भी कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता। तो फिर देर न कीजिए और न ही बुखार आने पर घबराएं ही बल्कि डॉक्टरी इलाज के साथ-साथ ये उपाय करेंगे तो आपकी बड़ी बीमारी को भगवान हनुमान शूल में बदल देंगे।

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