प्रेतबाधाग्रस्त व्यक्ति की पहचान

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भूत शब्द अपने आप में रहस्मयी है। उसी तरह उनकी दुनियां भी उतनी रहस्यमयी और डरावनी है। समुचित ज्योतिष योगों से व्यक्ति के प्रेत बाधा से ग्रस्त होने के बारे में जाना दा सकता है।

असल में जो व्यक्ति प्रेत बाधित होता उसकी आंखें स्थिर, अधमूंदी और लाल रहती हैं। शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा होता है। हाथों और पैरों के नाखून काले पड़े होते हैं। ऐसे व्यक्ति को भूख या तो बहुत कम लगती है या फिर बहुत अधिक भोजन करता है। अगर बात करें नींद की तो ऐसे व्यक्ति को नींद आती ही नहीं या बहुत कम आती है।ऐसे व्यक्ति का स्वभाव क्रोधी, जिद्दी, उग्र और उदंड हो जाता है। प्यास बहुत लगती है। शरीर से दुर्गंध निकलती है और पसीना भी बहुत आता है।

असली और नकली प्रेतआत्मा की पहचान। अगर ऊपर वाले लक्षण किसी व्यक्ति में हैं तो समझना चाहिए वास्तव में वो व्यक्ति प्रेत कष्ट से पीड़ित अन्यथा नहीं।

व्यक्ति असल में प्रेतग्रस्त है और उसके मध्य में बोलने वाला असल में प्रेत है या पालतु प्रेत। इसके लिए आप एक हरा ताजा नींबू लेकर उस प्रेतग्रस्त व्यक्ति को दिखाकर चाकू से काट दें। अगर पालतू प्रेत होगा तो भाग जाएगा नहीं तो नहीं।

प्रेत आत्मा से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें-

किसी वीरान, निर्जन, एकांत या जंगल में मलमूत्र त्याग करने से पहले उस स्थान को अच्छी तरह से देख लें कि कोई ऐसा वृक्ष न हो जिस पर प्रेत आत्मा निवास करती हो और न ही आस-पास कोई मजार या कब्रिस्तान होना चाहिए।

किसी भी जल स्रोत जैसे कुआं, तालाब में थूकना या मलमूत्र नहीं करना चाहिए।इससे जल के देवता वरुण रुष्ट हो सकते हैं।

घर के आस-पास पीपल का वृक्ष नहीं होना चाहिए क्योंकि पीपल पर प्रेतों का वास होता है।

सूर्य की ओर मुख करके कभी भी मलमूत्र का त्याग नहीं करना चाहिए।

गूलर, मोलसरी, शीशम, मेहंदी आदि वृक्षों पर भी प्रेतों का वास होता है। खुशबूदारों पौधों के पास भी नहीं जाना चाहिए।

सेब एक ऐसा फल जिस पर इस क्रिया का असर बहुत जल्दी होता है। इसलिए किसी का दिया हुआ सेब कभी नहीं खाना चाहिए।

पूरी तरह निर्वस्त्र होकर कभी नहीं नहाना चाहिए।

हर रोज प्रातकाल: गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए।

सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें।

घर में गुग्गल की धूनी दें।

नीम के सूखे पत्तों का धुंआ संध्या के समय घर में दें।

2 thoughts on “प्रेतबाधाग्रस्त व्यक्ति की पहचान”

  1. Namaskar sir
    Maine aaj aapka sadhna channel pe program dekha.
    Mujj me kuchh asha ki Koran jagi hai.
    Mere bete ka dob 16 08 11 19.45 Ludhiana me hua hai
    WO pichhle warsh bimar hua tha aaj tak this nahi hua
    School b nahi jaa pata abi

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